Yogi Adityanath : जन्मदिन आज, पीएम मोदी ने दी बधाई

News Desk
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Metro India News: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गांव में पांच जून 1972 में जन्मे अजय सिंह बिष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) आज 48 साल के हो गए हैं. अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ बनने का सफ़र कैसे तय किया उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं फायर ब्रांड हिंदू नेता ने, हम आपको बताते है.

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योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) का जन्म उत्तराखंड के सामान्य राजपूत परिवार में हुआ. इनके पिता का नाम आनंद सिंह बिष्ट और माता का नाम सावित्री देवी है. योगी ने 1989 में ऋषिकेश के भरत मंदिर इंटर कॉलेज से 12वीं पास की और 1992 में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में बीएससी की पढ़ाई पूरी की.

Yogi Adityanath
mahant yogi adityanath

राममंदिर आंदोलन

जब अजय पढ़ाई कर रहे थे वो दौर राममंदिर आंदोलन का दौर था. बालक अजय मे शुरू से ही हिंदुत्व की भावना कूट कूट कर भरी थी. भगवान राम मे उनकी आस्था के कारण ही छात्र जीवन में ही वो राममंदिर आंदोलन से जुड़ गए थे.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यक्रम ने अजय सिंह बिष्ट को योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) बना दिया. हुआ यूँ कि 90 के दशक में राममंदिर आंदोलन के दौरान ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ की मुलाकात गोरखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ से हुई. महंत अवैद्यनाथ भी उत्तराखंड के रहने वाले थे. कुछ दिनों बाद योगी अपने माता-पिता को बिना बताए गोरखपुर जा पहुंचे और जहां संन्यास धारण करने का निश्चय लेते हुए गुरु दीक्षा ले ली. और इस तरह गोरखपुर पहुंचकर अजय सिंह बिष्ट योगी आदित्यनाथ बन गए. गोरखनाथ मंदिर के महंत की गद्दी का उत्तराधिकारी बनाने के चार साल बाद ही महंत अवैद्यनाथ ने योगी आदित्यनाथ को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी बना दिया.

mahant yogi aditya nath

गोरखपुर से महंत अवैद्यनाथ चार बार सांसद रहे, उसी सीट से योगी 1998 में 26 वर्ष की उम्र में लोकसभा पहुंचे और फिर लगातार 2017 तक पांच बार सांसद रहे. आज देश के सबसे बड़े सूबे यानी उत्तरप्रदेश की सत्ता के सिंहासन पर योगी विराजमान हैं. महज 26 साल की उम्र में संसद पहुंचने वाले योगी आदित्यनाथ 45 साल की उम्र में यूपी के सीएम बने. प्रदेश की ही नहीं बल्कि देश की सियासत में उन्हें हिंदुत्व के चेहरे के तौर पर जाना जाता है.

कट्टर हिंदुत्व से भरा युवा राजनेता

सियासत में कदम रखने के बाद योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की छवि एक कठोर हिंदुत्ववादी नेता के तौर पर उभरी. सांसद रहते हुए गोरखपुर जिले को अपने नियम अनुसार चलाने और त्वरित फैसलों से सबको चकित किया. इसी के चलते योगी के सियासी दुर्ग को न तो मुलायम सिंह का समाजवादी भेद पाया और न ही मायावती की सोशल इंजीनियरिंग काम आई. गोरखपुर में योगी का हिंदुत्व कार्ड ही हावी रहा.

Yogi Adityanath

योगी आदित्यनाथ ने अपनी निजी सेना हिंदू युवा वाहिनी का निर्माण किया जो गौ सेवा करने व हिंदू विरोधी गतिविधियों से निपटने के लिए बनाई गई. हिंदू युवा वाहिनी ने गोरखपुर में ऐसा माहौल तैयार किया, जिसके चलते आज तक उन्हें कोई चुनौती नहीं दे सका. एक तेजतर्रार राजनीतिज्ञ के रूप में अपनी छवि योगी आदित्यनाथ ने बना ली थी. योगी आदित्यनाथ की सबसे बड़ी खासियतों में एक है कि वह जनता से सीधा संवाद करने में विश्वास रखते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने दीं शुभकामनाएं

सीएम योगी के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके शुभकामनाएं दी हैं. पीएम मोदी ने लिखा है कि ‘उनके नेतृत्व में प्रदेश उन्नति की नई ऊंचाइयां छू रहा है. नागरिकों की जिंदगी में उल्लेखनीय परिवर्तन हुए हैं. ईश्वर उन्हें लंबी और स्वस्थ जिंदगी दे.’

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